STORYMIRROR

भूल है हमारी अस्तित्व पर भारी वसुन्धरा पोषण संरक्षण नीर सुखमय नारी हूँ चंचला शांत अन्न बढ़ रहा ताप संकेतों से आभास धरा सामूहिक तैयारी साॅंस नीयत पीड़ा मातृभूमि संसार वायु

Hindi विषैली वायु-नीर-धरा Poems